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Ai Impact Summit 2026 Frencn President Emmanuel Macron Criticises Social Media Platforms Free Of Speech

Ai Impact Summit 2026 Frencn President Emmanuel Macron Criticises Social Media Platforms Free Of Speech

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ईमैनुअल मैक्रों ने कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म न्यूट्रल नहीं होते, ये जानबूझकर चरमपंथी और नफरत फैलाने वाले कंटेंटट को यूजर्स तक पहुंचाते हैं, इनका एल्गोरिदम कंटेंट को फिल्टर करके रैंक करता है.

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों ने सोशल मीडिया प्लेटफर्म्स और उनके एल्गोरिजम को लेकर नाराजगी जाहिर की है. उन्होंने कहा कि यूजर्स को सोशल मीडिया के एल्गोरिदम के बारे में नहीं पता कि वह कैसे उन्हें गाइड करता है, जानबूझकर वह नफरत फैलाने वाले कंटेंट को यूजर्स के सामने पेश करता है. उन्होंने जोर देकर कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के सिस्टम एल्गोरिदम फ्री और पारदर्शी होने चाहिए, वरना ये लोकतांत्रिक तंत्र के लिए गंभीर खतरा हो सकते हैं.

इमैनुअल मैक्रों समिट में शामिल होने के लिए भारत आए हैं. 16 फरवरी को दिल्ली के भारत मंडपम में कार्यक्रम की शुरुआत हुई थी और 20 फरवरी तक समिट चलेगी. मैक्रों 17 फरवरी से 20 फरवरी तक भारत के दौरे पर रहेंगे.

मैक्रों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और उनके एल्गोरिदम पर जताई नाराजगी
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार मैक्रों ने एआई इम्पैक्ट समिट में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की कड़ी आलोचना की और कहा कि फ्री ऑफ स्पीच बुलशिट है. उन्होंने कहा कि समस्या अभिव्यक्ति की आजादी नहीं बल्कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की एल्गोरिदम और वे अपारदर्शी प्रणालियां हैं, जो कंटेंट को फिल्टर करती हैं, श्रेणीबद्ध करती हैं और फिर उसे व्यापक तौर यूजर्स तक पहुंचाती हैं.

इमैनुअल मैक्रों ने चेतावनी दी कि अगर एल्गोरिदम के निर्माण, प्रशिक्षण और परीक्षण में पारदर्शिता नहीं होगी तो यह लोकतांत्रिक तंत्र के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकते हैं. इमैनुअल मैक्रों ने इन दावों को भी खारिज कर दिया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स न्यूट्रल होते हैं, उन्होंने आरोप लगाया कि ये प्लेटफॉर्म जानबूझकर चुपचाप चरमपंथी और नफरत फैलाने वाले कंटेंट को यूजर्स के सामने पेश करते हैं. 

मैक्रों बोले- सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का सिस्टम पारदर्शी हो
इमैनुअल मैक्रों ने कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का सिस्टम एल्गोरिदम फ्री और पूरी तरह से ट्रांसपेरेंट होना चाहिए. इसमें चरमपंथी और नफरत फैलाने वाले कंटेंट पर अंकुश लगाने के उपाय होने चाहिए. इमैनुअल मैक्रों ने आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस पर भी जोर दिया और कहा कि भारत और फ्रांस अपनी भरोसेमंद एआई प्रणाली बनाने के लिए जरूरी कंप्यूटिंग कपैसिटी और प्रतिभा को विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, क्योंकि हम सिर्फ कहीं और बनाई गई और प्रबंधित टेक्नोलॉजी पर निर्भर नहीं रह सकते. 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एआई इम्पैक्ट समिट में कहा कि इस सम्मेलन का मकसद यह पता लगाना है कि एआई का इस्तेमाल सभी के फायदे के लिए कैसे किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि आज AI को जिस दिशा में लेकर जाएंगे, वैसा ही हमारा भविष्य तय होगा. 

उन्होंने कहा कि दुनिया के 100 से ज्यादा देशों का प्रतनिधित्व भारत के इस एआई समिट में शामिल हुआ है. पीएम मोदी ने कहा कि एआई समिट में बड़ी संख्या में युवा शामिल हुए हैं. ये समिट जिस भारत में हो रही है, वो वन सिक्स्थ ऑफ ह्यूमेनिटी को दर्शाता है. उन्होंने कहा कि भारत दुनिया की सबसे बड़ी युवा आबादी का देश है. सबसे बड़े टेक टैलेंट पूल का केंद्र है. सबसे बड़े टेक इनेबल्ड इकोसिस्टम का उदाहरण है. इससे पहले पिछले साल 10-11 फरवरी को पेरिस में एआई समिट हुआ था, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल हुए थे.

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